इंटरपोल ने UAE के अधिकारी को चुना अपना अध्यक्ष, शीर्ष समिति में भारतीय अधिकारी भी हुए निर्वाचित


CBI Special Director: अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन निकाय इंटरपोल ने इस्तांबुल में हुई वार्षिक आमसभा में बृहस्पतिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विवादित अधिकारी मेजर जनरल अहमद नसीर अल रायसी को अपना अध्यक्ष चुना है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के विशेष निदेशक प्रवीण सिन्हा, बृहस्पतिवार को इंटरपोल की कार्यकारी समिति के लिए एशिया से प्रतिनिधि चुने गये हैं.आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इंटरपोल ने संयुक्त अरब अमीरात के गृह मंत्रालय में महानिरीक्षक मेजर जनरल अहमद नसीर अल रायसी को चार साल के लिए अध्यक्ष चुना है.

वहीं इस चुनाव में भारतीय उम्मीदवार को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा लेकिन वह इसमें विजयी हुए. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में चीन, सिंगापुर, कोरिया गणराज्य और जॉर्डन की नजर कार्यकारी समिति के पदों पर थी. इंटरपोल की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अल रायसी का चयन तीन दौर के मतदान के बाद हुआ.  इंटरपोल के संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत,  इंटरपोल के अध्यक्ष के चुनाव के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी; यदि यह बहुमत दूसरे मतपत्र के बाद प्राप्त नहीं होता है, तो साधारण बहुमत ही पर्याप्त होगा.

सूत्रों ने बताया कि इस्तांबुल में चल रहे 89वें इंटरपोल (अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन) की आम सभा के दौरान यह चुनाव हुआ. एक सूत्र ने कहा, ‘‘आज की जीत दुनिया भर में एक गहन और अच्छी तरह से समन्वित चुनाव अभियान का परिणाम है.’’ 

गौरतलब है कि इंटरपोल के अध्यक्ष के चुनाव पर करीब से नजर रखी जा रही थी क्योंकि संगठन के पहले चीनी अध्यक्ष मेंग होंगवेई 2018 में चीन जाते वक्त रास्ते में लापता हो गए थे. तब उनका कार्यकाल पूरा नहीं हुआ था. इसके बाद पता चला कि उन्हें हिरासत में लिया गया है और उन पर रिश्वत लेने और अन्य अपराधों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं.अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन निकाय ने कहा कि ब्राजील के वालडेसी उरक्विजा को अमेरिका के लिए निकाय का उपाध्यक्ष चुना गया है जबकि नाइजीरिया के गरबा बाबा उमर, अफ्रीका के लिए इंटरपोल के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं.

वहीं इंटरपोल के अध्यक्ष मेजर जनरल रायसी पर मानवाधिकार समूह यूएई में मनमाने तरीके से लोगों को हिरासत में रखने और यातनाएं देने के आरोप लगाते रहे हैं. अल रायसी के खिलाफ फ्रांस और तुर्की सहित पांच देशों में यातना देने और अन्य आरोपों में आपराधिक शिकायत दर्ज है. गौरतलब है कि इंटरपोल का मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में है जबकि इस्तांबुल, तुर्की का शहर है जहां पर इंटरपोल के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है.

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